यूपी के बिजली उपभोक्ताओं की हो गई मौज !!! अब अक्टूबर के बिल में मिलेगी ताबड़तोड़ छूट, सरकार ने किया बड़ा ऐलान...
लखनऊ राज्य, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए अक्टूबर का महीना बेहद शानदार रहने वाला है और आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को अगले महीने यानी अक्टूबर में बड़ी राहत मिलने जा रही है।
दरअसल, बिजली बिल में लगने वाले ईंधन अधिभार शुल्क यानी FPPCA में 5.24 फीसदी की तगड़ी कटौती कर दी गई है, जिसका सीधा और सकारात्मक असर आपके आने वाले बिजली बिल पर देखने को मिलेगा। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस राहत से सीधे तौर पर प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 424 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फायदा मिलने वाला है।
लगातार चौथे महीने मिली ईंधन अधिभार में राहत
इस संबंध में यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की तरफ से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के मुताबिक, यह लगातार चौथा महीना है जब उपभोक्ताओं को ईंधन अधिभार में राहत दी जा रही है। इससे पहले सितंबर महीने में 7.93 फीसदी, अगस्त में 2.92 फीसदी और जुलाई महीने में 4.43 फीसदी की राहत दी गई थी। लगातार मिल रही इन राहतों से आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवारों को महंगाई के इस दौर में काफी बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है।
उपभोक्ता परिषद ने किया आदेश का स्वागत
इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए इसका दिल से स्वागत किया है। उनका कहना है कि परिषद ने पहले ही उपभोक्ताओं को इस बात की पूरी जानकारी दे दी थी कि आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने वाली है। अब पावर कॉरपोरेशन के ताजा आदेश के बाद उनका यह अनुमान बिल्कुल सही साबित हुआ है। परिषद का मानना है कि ईंधन अधिभार में आई इस कमी का सीधा और सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं की जेब को पहुंचेगा और उनके बिजली बिल काफी कम होकर आएंगे।
क्या था पुराना विवाद और कैसे बदली गणना?
आपको बता दें कि इसके पीछे एक पूरा पुराना विवाद भी जुड़ा हुआ है। दरअसल, जून महीने में बिजली उपभोक्ताओं से पुराने भुगतान को भी अधिभार में शामिल करके लगभग 10 फीसदी तक की अतिरिक्त वसूली कर ली गई थी, जिससे आम जनता में नाराजगी थी। इसके बाद यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने पहुंचा था। आयोग ने पुराने भुगतान को ईंधन अधिभार में जोड़े जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे पूरी तरह गलत ठहराते हुए कड़ा आदेश जारी किया था।
नियामक आयोग की इस सख्ती के बाद FPPCA की पूरी गणना (कैलकुलेशन) के तरीके में बदलाव किया गया। नतीजतन, अब अक्टूबर महीने में मिल रही 5.24 फीसदी की इस राहत से उपभोक्ताओं को कुल 424 करोड़ रुपये का बंपर फायदा होने का अनुमान लगाया गया है, जिसे आम जनता के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं माना जा रहा है।