NEET पास लड़के ने ट्रेन में कर डाली दर्जनों चोरियां, 25 लाख के जेवर के साथ पकड़ा गया, फैमिली बैकग्राउंड सुन पुलिस भी रह गई दंग...
Agra NEET Qualified Youth Train Theft Case: जब कोई युवा NEET जैसी कठिन परीक्षा पास कर ले और उसके घर में पिता सेना से रिटायर्ड हों, भाई एयरफोर्स में हो और बहन डॉक्टर हो, तो अक्सर उसके उज्जवल भविष्य की सुनहरी तस्वीर दिमाग में छप जाती है.ऐसे परिवार और शख्स से अपराध की दुनिया में किसी के कदम रखने की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
लेकिन उत्तर प्रदेश के आगरा से एक शातिर को पकड़ा गया है, जिसकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और फैमिली बैकग्राउंड सुनकर हर कोई दंग रह गया. पीलीभीत का रहने वाला पुनीत, जिसने NEET पास किया था और कभी डॉक्टर बनने का सपना देखता था, लेकिन संगत और आदतों ने उसकी किस्मत का पासा ऐसा पलटा कि आज वह एसी ट्रेनों में सो रहे यात्रियों का कीमती सामान चुराने के जुर्म में पकड़ा गया है।
शौक-मौज की आदतें, भारी-भरकम कर्ज और प्रेमिका की जान बचाने की जिद ने उसे अपराध के दलदल में धकेल दिया. आइए जानते हैं कि आखिर एक होनहार लड़के के शातिर अपराधी बनने की शुरुआती हुई कैसे?
फौजियों और डॉक्टरों के परिवार का होनहार बेटा कैसे बना अपराधी?
पुलिस पूछताछ में पुनीत की जिंदगी के कई चौंकाने वाले राज खुले हैं. पुनीत ने मेडिकल की प्रवेश परीक्षा (NEET) तो पास कर ली थी, लेकिन समय के साथ उसका रुख बिजनेस की तरफ हो गया. कोविड-19 महामारी के दौरान उसने लखनऊ में एक हुक्का बार खोला था, जहां उसकी मुलाकात अपने साथी आकाश पाल से हुई. महामारी और लॉकडाउन के कारण उसका यह बिजनेस भारी घाटे में चला गया और उसे बार बंद करना पड़ा।
कारोबार बंद होने के बाद भी पुनीत की जीवनशैली नहीं बदली. उसे ब्रांडेड कपड़े, महंगी घड़ियां, क्लबों में जाना और महंगे शौक पालने की आदत पड़ चुकी थी. इस खर्चीली जीवनशैली और बिजनेस के घाटे ने उसे भारी कर्ज के जाल में फंसा दिया. पैसों की तंगी से उबरने के लिए उसने आसान रास्ता चुना और करीब पांच साल पहले ट्रेनों में हाथ साफ करना शुरू कर दिया।
गर्लफ्रेंड का कैंसर और वो 80 लाख का भारी कर्ज
इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा और संवेदनशील मोड़ पुनीत की पर्सनल लाइफ से जुड़ा है. पुलिस पूछताछ में पुनीत ने दावा किया कि उसकी एक गर्लफ्रेंड थी, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी. उसे बचाने और उसके इलाज के लिए पुनीत को पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत थी।
पुनीत ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड के इलाज पर करीब 80 लाख रुपये खर्च कर दिए थे. इसी भारी-भरकम मेडिकल खर्च, कर्ज और अपने महंगे शौक को पूरा करने के लिए उसे लगातार पैसों की जरूरत रहती थी. गर्लफ्रेंड के इलाज का यह भारी बोझ ही उसकी जिंदगी में ऐसा टर्निंग पॉइंट बना, जिसके बाद उसने और उसके साथी आकाश ने ट्रेनों में चोरी के धंधे को पूरी तरह अपना लिया।
एसी कोच को बनाते थे निशाना, ऐसे देते थे चोरी को अंजाम
पुनीत और उसका साथी आकाश चोरी करने का एक बेहद शातिर तरीका अपनाते थे. वे एसी-1, एसी-2 और एसी-3 कोच में सफर करते थे और खासतौर पर उन यात्रियों को निशाना बनाते थे जो गहरी नींद में होते थे. वे चुपचाप यात्रियों के सामान पर नजर रखते थे और महिलाओं के हैंडबैग से कीमती जेवर या कैश चुरा लेते थे।
चोरी करने के बाद पुनीत वह छोटा पर्स अपने साथी आकाश को थमा देता था, जो अगले स्टेशन पर उतरकर फरार हो जाता था. पुलिस से बचने के लिए वे कभी एक ही जगह पर दोबारा वारदात नहीं करते थे और लगातार जिले बदलते रहते थे।
हालांकि, इस बार आगरा पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को दबोच लिया और उनके पास से करीब 25 लाख रुपये के चोरी हुए जेवर बरामद किए। लखनऊ, बरेली और प्रयागराज जैसे जिलों में पहले भी जेल जा चुका पुनीत आज अपनी गलत संगति और हालातों के चलते सलाखों के पीछे है।