वैभव सूर्यवंशी की जगह आए ईशान ने बनाए 0, संजू-अय्यर का भी नहीं चला बल्ला, तिलक, नमन व अक्षर भी नहीं चले, हार के ये 5 बड़े कारण...
एजेंसी स्पोर्ट्स डेस्क। शुक्रवार को ऑकलैंड के इडेन पार्क स्टेडियम में खेले गए चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों बड़ी हार मिली है। कीवी टीम ने मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाए और भारत के सामने 260 रनों का लक्ष्य रखा। इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से लड़खड़ाती रही और जैसे-तैसे 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 172 रन बना सकी। न्यूजीलैंड ने इस मैच को 87 रनों से अपने नाम किया।
आज के मुकाबले में भारत ने अपनी प्लेइंग XI में दो बदलाव किए। पिछले मुकाबले में 19 गेंदों में 45 रनों की पारी खेलने वाले वैभव सूर्यवंशी की जगह ईशान किशन को खिलाया गया। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की जगह मयंक यादव की वापसी हुई। हालांकि, इन दो बदलावों के बावजूद टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा।
भुवनेश्वर कुमार की जगह आए मयंक यादव ने चार ओवर की गेंदबाजी में 48 रन देकर तीन विकेट लिए। वैभव सूर्यवंशी के स्थान पर आए ईशान किशन के बल्ले से रन नहीं निकले। उन्होंने तीन गेंदों का सामना किया लेकिन बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए। जी हां, बिल्कुल सही पढ़ा आपने। इस मुकाबले में इनफॉर्म वैभव सूर्यवंशी के स्थान पर आए ईशान किशन ने शून्य रन बनाए। भारत की हार के क्या पांच बड़े कारण रहे इसकी विस्तार से बात आगे कर रहे हैं।
पांचवें गेंदबाज का बेअसर होना
इस मुकाबले में भारत की हार का सबसे बड़ा कारण तलाशा जाए तो यह निश्चित तौर पर पांचवें गेंदबाज का बेअसर होना है। नीतीश कुमार रेड्डी ने इस सीरीज के पिछले तीन मुकाबलों में अच्छी गेंदबाजी की थी और उन्होंने कप्तान पर अपना भरोसा बरकरार रखा था। यही कारण है कि कप्तान अय्यर ने उन्हें पूरे चार ओवर की गेंदबाजी दी, जिसमें उन्होंने 16 की इकोनॉमी रेट से 64 रन खर्च कर दिए। बेशक उन्हें एक विकेट मिला, लेकिन पांचवें गेंदबाज के इस तरह से बेअसर हो जाने से अन्य गेंदबाजों पर भी दवाब पड़ा और विपक्षी टीम बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही।
यादव डुओ का महंगा साबित होना
भुवनेश्वर कुमार की जगह वापसी करने वाले मयंक यादव ने शुरुआती ओवरों में अच्छा प्रभाव जमाया और 3 विकेट लिए। हालांकि, उन्होंने मुकाबले में चार ओवर की गेंदबाजी करते हुए 48 रन खर्च कर दिए। यह ठीक बात है कि उन्होंने तीन विकेट हासिल किए, लेकिन सटीक गेंदबाजी ना कर पाने के कारण उन्हें ज्यादा रन पड़े। जब मुख्य गेंदबाज को इतने रन पड़ रहे हों तो दूसरे गेंदबाजों का मोराल नीचे जाता है।
भारत की हार की एक बड़ी वजह मयंक यादव का महंगा साबित होना रहा। प्रिंस यादव ने इस मुकाबले में एक विकेट चटकाया। सीरीज में पहली बार हुआ जब प्रिंस यादव और मयंक यादव की जोड़ी एक साथ प्लेइंग XI में दिखी। प्रिंस यादव ने इस मुकाबले में चार ओवर में 49 रन खर्चे। उन्हें आखिरी के ओवरों में बेहतर एक्जीक्यूशन वाले गेंदबाजों में गिना जाता है, लेकिन आज सटीक लेंथ से गेंदबाजी करने में प्रिंस कहीं ना कहीं चूकते नजर आए। यादव डुओ द्वारा इस तरह से रन खर्च करने से न्यूजीलैंड बड़े स्कोर तक पहुंचा और भारत को हार का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञ स्पिनर की कमी, अक्षर और नमन से नहीं बना काम
भारत के पास दो विशेषज्ञ स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव बाहर बैठे हुए हैं। टीम ऑलराउंडर्स के साथ खेलना ज्यादा प्रेफर कर रही है। कई मैचों में जब भारत की बल्लेबाजी चल जाती है तो यह कमजोर कड़ी छिप जाती है, लेकिन आज बल्लेबाजी विभाग के फेल हो जाने के बाद यह स्पष्ट रूप से उजागर हुई। अक्षर पटेल ने 3 ओवर में 43 रन 14 से अधिक की इकोनॉमी से दिए। अक्षर के कोटे का एक ओवर पूरा करने आए नमन धीर को भी 16 रन पड़ गए। इस तरह इन दोनों ने मिलाकर सिर्फ 1 विकेट लिए और 59 रन खर्च कर दिए।
ईशान किशन का 0, संजू-अभिषेक का फेलियर
भारत की हार का चौथा बड़ा ऊपरी क्रम की बल्लेबाजी का फेल होना रहा। भारतीय टीम ने पिछले कुछ सालों में अपना दबदबा ऐसा बनाया है कि अगर सामने वाली टीम 250 से ऊपर का लक्ष्य भी रख देती है तब भी लगता है यह चेज हो जाएगा। आज भी फैंस को यही उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। भारत के पहले तीन विकेट 50 रनों के स्कोर पर गिर गए थे और 56 रनों के योग पर श्रेयस अय्यर भी चौथे विकेट के रूप में आउट हो गए।
वैभव सूर्यवंशी के स्थान पर आए ईशान किशन ने 0 रन बनाए। ओपनिंग में लगातार परिवर्तन से अभिषेक शर्मा भी लय में नहीं रहे। पिछले मैच में वन डाउन और आज ओपनिंग से संजू की भी रिदम टूटी। इस तरह वैभव को ना खिलाने के फैसले ने भी काफी खेल बिगाड़ा। संजू 4 (2) रन और अभिषेक 27 (15) रन बनाए आउट हुए।
अय्यर का लगातार फेलियर, भारत को कर रहा एक्सपोज
श्रेयस अय्यर की भारतीय टी-20 टीम में वापसी बतौर कप्तान हुई है। उन्होंने इस दौरान एक शतक और कुछ अर्धशतक भी लगाए हैं। हालांकि, वे सूर्या के आखिरी फेज की तरह ही प्रदर्शन करने में अनियमित नजर आ रहे हैं। जब भारतीय टीम का ऊपरी क्रम नहीं चलता तब अय्यर के आने और आउट होकर लौट जाने से टीम की यह कमी सामने आ जाती है कि मिडल आर्डर में कुछ ना कुछ कमजोर कड़ी बनी हुई है। आज के मुकाबले में भारतीय टॉप आर्डर के फेल हो जाने के बाद श्रेयस अय्यर से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे सिर्फ 11 गेंदों का सामना करते हुए चार चौकों की मदद से 22 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
इस सीरीज में अय्यर के बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला है। वैसे तो उनका नंबर बल्लेबाजी में कई बार आता ही नहीं, लेकिन जब आता है और बहुत जरूरत रहती है तो टीम को जीत दिलाने में कामयाब नहीं हो पाते हैं। श्रेयस के आउट होने के बाद नमन धीर और तिलक वर्मा से उम्मीदें थीं, लेकिन आज वे भी नहीं चल सके। अक्षर पटेल का भी बल्ला खामोश रहा। नीतीश कुमार रेड्डी भी बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए। इस तरह भारत ने इस मुकाबले में खराब प्रदर्शन किया और तीन मैचों के बाद सीरीज की पहला हार का स्वाद चखा।
सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला 1 नवंबर को खेला जाएगा। भारत सीरीज में 3-1 से आगे है।