फटे-पुराने कपड़े पहनकर बैंक पहुंचे बुजुर्ग चाचा, 1 लाख रुपये निकालने की बात सुनकर कैशियर ने उड़ाया मजाक, फिर खाते में बैलेंस देखकर...
किसी के कपड़े देखकर किसी की हैसियत का अंदाजा मत लगाइए, कभी-कभी सादगी के पीछे भी बड़ी दौलत छिपी होती है! एक हकीकत वह मजेदार किस्से के मुताबिक, एक दिन साधारण कपड़े पहने एक बुजुर्ग चाचा बैंक पहुंचे। उन्होंने कैशियर से कहा, "बेटा, मुझे एक लाख रुपये निकालने हैं।"
बुजुर्ग का साधारण हुलिया देखकर कैशियर को शायद उनकी बात पर भरोसा नहीं हुआ। उसने हैरानी से पूछा, "चाचाजी, एक लाख रुपये निकालने हैं? इतने पैसे देखे भी हैं कभी?"
बुजुर्ग ने बिना नाराज हुए बड़े आराम से जवाब दिया, "बेटा, पहले मेरा खाता तो चेक कर लो!"
कैशियर ने कंप्यूटर पर बुजुर्ग का खाता खोला और बैलेंस देखा तो उसकी आंखें खुली की खुली रह गईं। खाते में 68 लाख रुपये से भी ज्यादा रकम मौजूद थी! जिस बुजुर्ग को वह साधारण कपड़ों की वजह से कम हैसियत वाला समझ रहा था, उनके खाते में लाखों रुपये थे।
अब कैशियर को समझ आ गया होगा कि किसी के कपड़े देखकर उसकी आर्थिक स्थिति का फैसला करना कितनी बड़ी भूल हो सकती है!
इससे सीखें सीख: अमीरी का प्रदर्शन करना हर किसी की आदत नहीं होती। कोई महंगे कपड़े पहनता है, तो कोई सादगी से रहना पसंद करता है। इंसान की असली पहचान उसके कपड़ों, जूतों या बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और सोच से होती है।