वैष्णवी, प्रतिका व शैफाली ने निकाला जिम्बाब्वे का कचूमर; भारत ने वनडे सीरीज में भी किया 3-0 से सूपड़ा साफ...
स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे का टी20 के बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज में सूपडा साफ कर दिया। भारत ने बुधवार को वडोदरा में तीसरे वनडे में आठ विकेट से दमदार जीत हासिल की। बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा (39 रन देकर पांच विकेट), बल्लेबाज प्रतिका रावल और शैफाली वर्मा ने आखिरी मैच में जिम्बाब्वे का कचूमर निकाला।
जिम्बाब्वे ने महज 132 रनों का टारगेट दिया, जिसे भारत ने 17 ओवर में दो विकेट गंवाकर चेज कर लिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरआत अच्छी नहीं रही थी। यस्तिका भाटिया बिना खाता खोले दूसरे ओवर में पवेलियन लौट गईं। प्रतिका ने हरलीन देओल (19 गेंदों में 19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 59 रनों की पार्टनरशिप की। हरलीन नौवें ओवर में लौटीं।
इसके बाद प्रतिका और शैफाली ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की और भारत को जीत की दहलीज पार कराई। प्रतिका ने 56 गेंदों में चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 59 रन बनाए। शैफाली ने 26 गेंदों में नाबाद 51 रनों की पारी खेली, जिसमें छह चौके और तीन सिक्स हैं।
जिम्बाब्वे के 54 रन पर गिरे चार विकेट
इससे पहले, जिम्बाब्वे ने तीसरे वनडे में टॉस जीतकर बैटिंग चुनी थी। वैष्णवी की कातिलाना गेंदबाजी की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे की पारी को 39.5 ओवर में 131 रन पर समेट दिया। जिम्बाब्वे के चार विकेट 54 रन पर गिर गए थे। यह वैष्णवी का महज तीसरा वनडे था। उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने इसी मैदान पर खेले गए पिछले वनडे में चार विकेट चटकाए थे।
20 वर्षीय भारतीय टीम की गेंदबाज वैष्णवी ने गेंद को हवा में लहराने से परहेज नहीं किया और उनकी इस रणनीति में जिम्बाब्वे की बल्लेबाज लगातार फंसती चली गईं। मेहमान टीम की ओर से सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने 48 गेंदों में 37 रन बनाकर सबसे ज्यादा योगदान दिया। भारत दौरे पर लगातार बल्लेबाजी में संघर्ष कर रही जिम्बाब्वे की टीम की मुश्किलें शुरुआती ओवरों में ही बढ़ गईं। उसके बल्लेबाजों ने गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आसानी से अपने विकेट गंवाए।
तेज गेंदबाज सयाली सतघरे ने अपने पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज लोरिन फिरी (0) को विकेट के पीछे यास्तिका भाटिया के हाथों कैच कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी चिपो मुगेरी-तिरिपानो (4) भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। क्रांति गौड़ की गेंद पर कट लगाने की कोशिश में उन्होंने प्वाइंट पर खड़ी शेफाली वर्मा को कैच थमा दिया।
भारतीय टीम ने किए थे तीन बदलाव
इसके बाद वैष्णवी ने अपनी फिरकी का जादू चलाया। उन्होंने पहले बिलव्ड बीजा (1) को आउट किया और फिर शानदार फॉर्म में चल रहीं मुपाचिक्वा को अपनी चतुराई से चकमा दिया। मुपाचिक्वा के क्रीज से बाहर निकलकर खेलने के इरादे को भांपते हुए वैष्णवी ने गेंद को ऑफ स्टंप से काफी बाहर फ्लाइट कराया। बल्लेबाज गेंद तक नहीं पहुंच सकीं और विकेटकीपर यास्तिका ने उन्हें स्टंप कर दिया।
वैष्णवी का पांचवां और आखिरी विकेट उनके स्पेल की अंतिम गेंद पर आया। न्याशा ग्वानजुरा (10) ने बड़ा स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद पैड से टकराकर स्टंप्स पर जा लगी। वैष्णवी के शानदार प्रदर्शन के अलावा क्रांति गौड़ और सयाली सतघरे ने भी दो-दो विकेट हासिल किए।
भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में तीन बदलाव किए। हरलीन देओल, यास्तिका और क्रांति को टीम में शामिल किया गया। तेज गेंदबाज क्रांति को दूसरे वनडे में आराम दिया गया था। यह स्मृति मंधाना की पूर्णकालिक कप्तान बनने के बाद पहली वनडे सीरीज थी।