गोरखपुर में बेटी का अंतिम संस्कार कर लौटा परिवार, शाम को उसी का आया फोन तो मच गया हड़कंप...
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस से लेकर परिवार तक को हैरान कर दिया। रेलवे ट्रैक पर मिले एक अज्ञात महिला के शव को मां ने अपनी बेटी का समझ लिया। इसके बाद पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया, शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिवार ने अंतिम संस्कार भी कर दिया।
लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आया, जब उसी शाम मृत समझी जा रही बेटी का फोन मां के पास पहुंचा. बेटी की आवाज सुनकर मां के होश उड़ गए. कुछ देर बाद बेटी खुद थाने पहुंच गई. उसे जिंदा देखकर पुलिसकर्मी भी चौंक गए। अब सवाल यह है कि जिस महिला का अंतिम संस्कार किया गया, आखिर वह कौन थी?
रेलवे ट्रैक पर मिला शव, मां ने बताया अपनी बेटी
मामला गोरखपुर के सहजनवां थाना क्षेत्र के सीहापार हाल्ट के पास का है. यहां रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना पर सुबह करीब 10 बजे पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही थी. इसी दौरान सीहापार निवासी लक्ष्मीना देवी थाने पहुंचीं. उन्होंने शव को अपनी बेटी अनामिका का बताते हुए उसकी पहचान की. इसके बाद पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
पति समेत तीन लोगों पर दर्ज हुआ दहेज हत्या का मुकदमा
लक्ष्मीना देवी ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी अनामिका ने नवरात्र के दौरान बेलघाट क्षेत्र के बेली गांव निवासी अभी सिंह से प्रेम विवाह किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद ससुराल वाले दहेज के लिए बेटी को परेशान कर रहे थे. मां की शिकायत पर पुलिस ने अनामिका के पति अभी सिंह, उसके पिता और जेठ के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया. पुलिस ने तीनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल बंद मिले. बताया गया कि तीनों गीडा स्थित एक फैक्ट्री में काम करते हैं।
पोस्टमार्टम के बाद कर दिया अंतिम संस्कार
शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया और शव परिवार को सौंप दिया. इसके बाद परिजनों ने गांव के लोगों की मदद से अंतिम संस्कार कर दिया. परिवार को उस समय जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस बेटी को वह मृत समझकर अंतिम विदाई दे रहे हैं, वह जिंदा है. कुछ ही घंटों बाद एक फोन कॉल ने पूरे मामले को पलटकर रख दिया।
शाम सात बजे आया बेटी का फोन
शाम करीब सात बजे लक्ष्मीना देवी के मोबाइल पर अनामिका का फोन आया. जिस बेटी का कुछ घंटे पहले अंतिम संस्कार किया गया था, उसकी आवाज सुनकर मां हैरान रह गईं. इसके बाद रात करीब आठ बजे लक्ष्मीना देवी अपनी बेटी अनामिका को लेकर सहजनवां थाने पहुंचीं. वहां बेटी को जिंदा देखकर पुलिसकर्मी भी चौंक गए. इसके बाद स्पष्ट हुआ कि रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात महिला के शव की पहचान गलत हुई थी।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल
एसपी उत्तरी राजेश घुनावत के मुताबिक, लक्ष्मीना देवी ने गलती से अज्ञात महिला के शव को अपनी बेटी का समझ लिया था. अब पुलिस मृत महिला की वास्तविक पहचान कराने में जुटी है. शव की तस्वीर आसपास के थानों में भेजी गई है. इसके अलावा डीएनए जांच के लिए नमूना सुरक्षित रखा गया है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृत महिला कौन थी और उसके परिजन कहां हैं।
प्रेम विवाह के बाद से चल रहा था पारिवारिक विवाद
जानकारी के अनुसार, अनामिका की मुलाकात अपनी मौसी के घर आने-जाने के दौरान बेली गांव निवासी अभी सिंह से हुई थी. दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और नवरात्र के दौरान उन्होंने शादी कर ली. परिवार की सहमति नहीं मिलने के कारण दोनों कुछ समय तक अलग-अलग स्थानों पर रहे. इसके बाद वे लुधियाना चले गए. बताया गया कि बाद में परिवार और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अभी का बड़ा भाई आदर्श दोनों को वापस लेकर आया।
22 अक्टूबर को मंदिर में दोबारा हुई थी शादी
बताया जा रहा है कि 22 अक्टूबर को अनामिका और अभी के नौसढ़ पहुंचने की जानकारी मायके वालों को मिली थी. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ. मामला बेलघाट थाने तक पहुंचा, जहां समझौते के बाद थाने के पास स्थित मंदिर में दोनों की दोबारा शादी कराई गई. हालांकि, इसके बाद भी परिवारों के बीच तनाव बना रहा. इसी बीच रेलवे ट्रैक पर मिले शव की गलत पहचान के कारण मामला दहेज हत्या तक पहुंच गया. अब पुलिस अज्ञात महिला की पहचान करने के साथ पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।