'मेरा तो दिमाग चकरा गया', अभिषेक शर्मा की तूफानी बल्लेबाजी देख 'हक्का-बक्का' रह गए कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा...
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में जीत के बाद भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। अय्यर का कहना है कि जब वे बैटिंग के लिए आए, तो उस समय भी गेंदबाजों को मदद मिल रही थी।ऐसे में अभिषेक और वैभव की बल्लेबाजी को देख वे चौंक गए थे।
अय्यर ने खुलासा किया कि उनका दिमाग चकरा गया था कि आखिर दोनों सलामी बल्लेबाजों ने इस तरह से बल्लेबाजी कैसे की? दरअसल, भारत ने अभिषेक और वैभव की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर पावरप्ले में ही 118 रन ठोक दिए। टीम इंडिया ने 5 ओवरों में ही 100 रनों के आंकड़े को पार कर लिया था। हालांकि, दोनों के आउट होने के बाद भारत ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवाए। ऐसे में अय्यर ने दोनों की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की।
श्रेयस अय्यर ने की अभिषेक और वैभव की तारीफ
मुकाबले में जीत के बाद पोस्ट मैच प्रजेंटेशेन में बात करते हुए अय्यर ने अभिषेक और वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "जिस तरह से उन्होंने, वो आंखों को बहुत अच्छा लगा और बहुत शानदार था। जब मैं और संजू बैटिंग करने के लिए गए, तो उस समय बॉल सीम कर रही थी। मैं ये सोच रहा था कि उन्होंने ये सब कैसे मैनेज किया। बस ये दिमाग चकरा देने वाला था।"भारतीय कप्तान ने आगे कहा, "अगर सच कहूं, तो 5 ओवर में रन बनना इंटरनेशनल स्तर पर मैंने पहले कभी नहीं देखा।
मुझे लगता है कि वे जिस तरह से खेलते हैं, वैसे ही खेलते हैं और खासकर विदेश में। हालांकि, आप जानते हैं कि वहां पर परिस्थितियां अलग होती हैं। अलग-अलग गेंदों से चुनौती मिलती है। जिस तरह से आज उन्होंने खेला, वो बहुत बढ़िया था। ये तीसरा मैच है और दो मैच बाकी रहते सीरीज जीतना बहुत अच्छा है। जिस तरह लड़कों ने यहां तक पहुंचाया वो कमाल का है।"
अय्यर ने गेंदबाजों को दी थी सलाह
शुरुआत में कीवी टीम के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों पर हावी दिखाई दे रहे थे। फिन एलन और डेरिल मिचेल खुलकर शॉट खेल रहे थे। ऐसे में 10 ओवर समाप्त होने के बाद अय्यर ने गेंदबाजों को अधिक से अधिक यॉर्कर करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "10 ओवर के बाद मुझे एहसास हुआ कि हार्ड लेंथ हाफ वॉली गेंद स्टैंड में जा रही थी। मैंने बस गेंदबाजों ने इतना कहा कि जितना हो सके उतना अधिक यॉर्कर गेंदें फेंको। हम इसमें कामयाब भी हुए। हमारा प्लान उन्हें 200 से कम स्कोर पर रोकना था।"