पहली ही कोशिश में UPSC क्रैक, अब ड्यूटी पर शराब पीने वाले ASI को दी अनोखी सजा ! कौन हैं IPS अनालता सिन्हा? जानिए...
IPS Anna Lata Sinha: जम्मू-कश्मीर में तैनात एक युवा महिला आईपीएस अधिकारी इन दिनों अपने काम करने के तरीके को लेकर सुर्खियों में हैं। महज 31 साल की उम्र में जिले की पुलिस व्यवस्था संभाल रहीं इस अधिकारी ने हाल ही में ऐसा फैसला लिया है, जिसकी चर्चा पुलिस विभाग से लेकर आम लोगों तक हो रही है।
खास बात यह है कि उन्होंने शिकायत मिलने के बाद जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया, बल्कि खुद मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। इसके बाद उन्होंने जो आदेश दिया, वह सामान्य कार्रवाई से काफी अलग था। इस फैसले के बाद लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं। आखिर वह कहां की रहने वाली हैं, उन्होंने कितनी पढ़ाई की है और कैसे पहली ही कोशिश में यूपीएससी परीक्षा पास करके आईपीएस अधिकारी बनीं?
कौन हैं IPS अना लता सिन्हा?
अनालता सिन्हा भारतीय पुलिस सेवा की 2022 बैच की अधिकारी हैं। उन्हें एजीएमयूटी कैडर मिला है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और विभिन्न केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। वर्तमान में वह जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी एसएसपी के पद पर तैनात हैं।
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उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को रामबन के एसएसपी का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह जम्मू में एसपी हेडक्वार्टर के पद पर काम कर रही थीं। रामबन में जिम्मेदारी संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर उन्होंने एक पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की, जिसके बाद वह चर्चा में आ गईं।
दिल्ली से है अनालता सिन्हा का संबंध
31 वर्षीय आईपीएस अनालता सिन्हा मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनका परिवार शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनके पिता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी मां बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में प्रोफेसर हैं।
पढ़ाई-लिखाई के माहौल में पली-बढ़ीं अना लता ने भी शिक्षा को काफी महत्व दिया। आगे चलकर उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया। उनके पति भी सिविल सेवा में हैं और आईएएस अधिकारी हैं।कहां से की पढ़ाई?
अनालता सिन्हा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के स्प्रिंगडेल्स स्कूल से पूरी की। स्कूल के बाद उन्होंने अर्थशास्त्र में आगे पढ़ाई करने का फैसला लिया और दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली की डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी से इसी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया और पीएचडी में दाखिला लिया।
पहली कोशिश में पास की UPSC परीक्षा
अना लता सिन्हा ने पीएचडी की पढ़ाई के दौरान ही यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। एक तरफ वह अपनी रिसर्च से जुड़ी पढ़ाई कर रही थीं, तो दूसरी तरफ देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक की तैयारी में जुटी थीं।
उन्होंने पहली ही कोशिश में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। इस परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 112 हासिल की। इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस के लिए हुआ और उन्हें एजीएमयूटी कैडर आवंटित किया गया। वह 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी बनीं।
भरतनाट्यम की भी हैं प्रशिक्षित डांसर
अना लता सिन्हा की रुचि केवल पढ़ाई और पुलिस सेवा तक सीमित नहीं है। उन्हें भारतीय शास्त्रीय नृत्य का भी शौक है। उन्होंने तमिल संगम से भरतनाट्यम का प्रशिक्षण लिया है और वह प्रशिक्षित भरतनाट्यम डांसर भी हैं। इस तरह पढ़ाई और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ कला के क्षेत्र में भी उनकी रुचि रही है।
रामबन में जिम्मेदारी संभालते ही बड़ा फैसला
रामबन जिले में एसएसपी का पद संभालने के कुछ ही दिनों बाद अना लता सिन्हा के सामने एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर यानी एएसआई से जुड़ा मामला आया। पुलिसकर्मी पर ड्यूटी के दौरान शराब पीने का आरोप था। उसके वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी उसके व्यवहार को लेकर शिकायत की थी।
शिकायतों में कहा गया था कि संबंधित एएसआई को शराब की गंभीर लत है और वह ड्यूटी के दौरान भी शराब का सेवन करता है। रामबन जैसे सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण जिले में पुलिसकर्मियों का ड्यूटी के दौरान सतर्क रहना जरूरी है। इसी वजह से एसएसपी ने मामले की जांच खुद करने का फैसला किया।
मेडिकल ऑफिसर के साथ अचानक पहुंचीं
एसएसपी अना लता सिन्हा ने केवल शिकायत या अधीनस्थ अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं की। वह एक मेडिकल ऑफिसर को साथ लेकर अचानक संबंधित एएसआई की ड्यूटी वाली जगह पर पहुंच गईं। वहां पुलिसकर्मी की स्थिति की जांच की गई और उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
मेडिकल जांच में शराब के सेवन की पुष्टि हुई। डॉक्टर ने पाया कि शराब के प्रभाव के कारण संबंधित पुलिसकर्मी उस समय ड्यूटी करने के लिए फिट नहीं था। इसके बाद एसएसपी ने मामले से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की।
पुराने रिकॉर्ड में भी मिलीं शिकायतें
मेडिकल जांच के बाद अना लता सिन्हा ने संबंधित एएसआई की पुरानी फाइल देखी। रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मी के खिलाफ पहले भी इसी तरह की शिकायतें मिल चुकी थीं। यानी मामला केवल एक दिन की शिकायत तक सीमित नहीं था।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल किसी आरोप या संदेह के आधार पर नहीं की गई। पहले शिकायतों की जांच हुई, फिर मेडिकल परीक्षण कराया गया और पुराने रिकॉर्ड देखे गए। इन सभी तथ्यों के आधार पर उन्होंने आगे का फैसला लिया।
एक महीने के लिए नशामुक्ति केंद्र भेजने का आदेश
जांच पूरी होने के बाद अना लता सिन्हा ने संबंधित एएसआई को एक महीने के लिए सरकारी अस्पताल के नशामुक्ति केंद्र में इलाज कराने का आदेश दिया। इस फैसले की खास बात यह रही कि पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई के साथ उसकी शराब की लत का इलाज कराने पर भी जोर दिया गया।
एसएसपी ने संबंधित पुलिसकर्मी की मेडिकल रिपोर्ट, पुराने रिकॉर्ड और शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया रामबन में पदभार संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर लिए गए इस फैसले के कारण आईपीएस अनालता सिन्हा चर्चा में आ गई हैं।